Thursday, August 28, 2025

109 तर्ज़ जोगी हम तो लुट गये तेरे प्यार में (शहीद)

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तर्ज़ जोगी हम तो लुट गये तेरे प्यार में (शहीद)

भोगीss होसी जो भी संसार मss,
आखिर  दुःख  पायss
हांss आखिर दुःख पाके कर्मा न रोसी 
1
चोखो भुण्डो जाण्या बीना ,मन मर्जी कर लेवः2
मां बाप री सूणः कोनी,फेर उमर भर रोवः 
हाय रे भोगीsss
भोगीss होसी जो भी संसार म,
आखिर दुःख पायss
हां आखिर दुःख पाके कर्मा न रोसी 
2
ना खाणा की,ना पीणा की,ना सोणा की सुध है 2
धरम की बातां मानः कोनी,जग हांसः बो रोवः
हाय रे भोगीsss
भोगीss होसी जो भी संसार म,
आखिर दुःख पायss
हां आखिर दुःख पाके कर्मा न रोसी 
3
भोगी रे तू योगी बण जा, जे सुख चावः सांची 2
दश धर्मा री बात जाण लः, जीवण चोखो होसी
हाय रे भोगीsss
भोगीss होसी जो भी संसार म,
आखिर दुःख पायss
हां आखिर दुःख पाके कर्मा न रोसी 

रचयिता -राजू बगडा-"राजकवि"(सुजानगढ़)मदुरै
28.8.2025 (11.45 pm)
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