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तर्ज़ हे राम हे राम जग में सांचो तेरो नाम (जगजीत सिंह)
हे वीरss,महावीरss
करते हैं तेरी,जयकारsss
1
त्रिशला नन्दन, तेरा वन्दन 2
करते हैंss सुबह और शाम
हे वीरss,महावीरss
हे वीरss,महावीरss
2
जग को अहिंसा, का, पाठ पढाया 2
तू ही तो है वीरों का वीर
हे वीरss,महावीरss
हे वीरss,महावीरss
3
क्षमा ही वीरों का,आभूषण है 2
जग को सुनायी ये बात
हे वीरss,महावीरss
हे वीरss,महावीरss
4
प्रेम ही जग में,सुख बरसाये 2
करो हर प्राणी से प्यार
हे वीरss,महावीरss
हे वीरss,महावीरss
5
नश्वर है काया,नश्वर है माया 2
मृग मरीचिकाss समानss
हे वीरss,महावीरss
हे वीरss,महावीरss
रचयिता -राजू बगड़ा "राजकवि"(सुजानगढ़) मदुरै
27.8.2025 (10.30 pm)
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