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तर्ज -जब कोई बात बिगड़ जाए, जब कोई मुश्किल पड़ जाए (जुर्म) (राग-औदव)
हमें फिर क्याs डरने की बाsत
हम सबका रखना ध्याsन ,ओ पालनहाssर
न कोई था,न कोई है, करे जो हम सबका कल्याण
हम सबका रखना ध्याsन ,ओ पालनहाssर
1
हो अन्तर्यामी, जग में आप,
कहाते तीन लोक के नाथ
बिनs कहेs समझते होs,
हमारे मन कीs सारी बात
न कोई था,न कोई है, करे जो हम सबका कल्याण
हम सबका रखना ध्याsन ,ओ पालनहाssर
2
अहिंसामय हो सब व्यवहार,
नहीं हो बैर भाव अभिमान
प्रभू हम तेरी भक्तीss से,
करेंगे भवसाsगर को पारs
न कोई था,न कोई है, करे जो हम सबका कल्याण
हम सबका रखना ध्याsन ,ओ पालनहाssर
3
हो सबके मन में प्रेम का भाव,
नहीं हो घृणाs का व्यवहारss
जैन शासन की हो जयकारs
क्षमा का रक्खे हर पल भावss
न कोई था,न कोई है, करे जो हम सबका कल्याण
हम सबका रखना ध्याsन ,ओ पालनहाssर
27.8.2025 (9.30 pm)
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